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Hindi tips for the success in study

 Hindi tips for the success in study 

     बोर्ड की परीक्षाओं का परिणाम आते ही जहाँ सामान्यतः चारों तरफ़ विद्यार्थियों में आनंद की लहर दौड़ जाती है, वहीं न्यूज़ पेपर्स और टीवी चैनल्स पर कुछ दुखद समाचार भी सामने आते हैं, जहाँ विद्यार्थी अच्छे नंबर ना आने और
 Exam time में मानसिक दबाव के कारण आत्महत्या तक कर बैठते हैं | यह एक बहुत ही गंभीर विषय है क्योंकि विद्यार्थी आत्महत्या के मामलों में हम प्रथम स्थान पर हैं |
 मित्रो कहा जाता है कि अभ्यास में जितना अधिक पसीना बहाओगे, युद्ध में उतना ही खून कम बहेगा|
वैसे आज के प्रतियोगिता भरे युग में, पढ़ाई करना और अच्छे नम्बरों से पास होना किसी लड़ाई से कम नहीं रह गया है | बात तो बहुत सीधी सी है कि अगर आपको ये लड़ाई जीतनी है तो इसके लिए पहले से रणनीति बनाने और उसके अनुरूप तैयारी करने की आवश्यकता है |
आमतौर पर सही मार्गदर्शन के अभाव में विद्यार्थी ठीक ढ़ंग से तैयारी नहीं कर पाते और परीक्षा का समय नजदीक आते ही उनमें चिंता और घबराहट बढ़ने लगती है | किसी भी परीक्षा की तैयारी करने और सफल होने के कुछ सूत्र यहाँ दिए गए हैं |


1. काम को टालने की आदत छोड़े

मित्रों, यदि आप वास्तव में सफल होना चाहतें हैं तो आपको कार्यों को टालने की आदत का त्याग करना होगा | जो कार्य ज़रूरी है , उसे सही समय पर करें | आपने सुना होगा कि “काल करे सो आज कर , आज करे सो अब , पल में परलय होएगी ,बहुरि करेगा कब” | जिसका मतलब है कि हमें कल के काम को आज और आज के काम को अभी कर लेना चाहिए |
लेकिन आज के युवाओं ने एक नए दोहे को जन्म दे दिया है | उनका कहना है कि “आज करे सो काल कर , काल करे सो परसों, इतनी जल्दी क्यों करे , अभी पड़े हैं बरसों” | दोस्तों पर सच्चाई क्या है , ये हम सभी जानते है | इसलिए हमें काम को टालना नहीं चाहिए बल्कि सभी जरूरी काम समय पर करने चाहियें |

2. अध्ययन के लिए उपयुक्त स्थान का चयन करें

पढ़ाई करने के लिए एक उपयुक्त एवं शांत जगह का चुनाव करना बहुत ज़रूरी है | पढ़ाई का स्थान ऐसा होना चाहिए जहाँ पर पूरी एकाग्रता और शांत मन से बैठकर पढ़ा जा सके | यदि घर छोटा हो या घर में ऐसा कोई उपयुक्त स्थान ना हो तो घर के बाहर किसी शांत जगह , किसी दोस्त के घर या किसी पुस्तकालय (Library) में जाकर पढ़ना ज्यादा अच्छा होगा |

3. पढ़ाई के लिए समय सारणी बनाएं

जो भी विद्यार्थी सफल होना चाहता है उसके लिए आवश्यक है कि वह पढ़ाई के लिए निर्धारित किये गए समय की एक समय सारणी (Time Table) बनाएं | एक सही समय सारणी बनाने पर ही आप हर विषय पर सही ध्यान दे सकते है| दोस्तों , केवल समय सारणी बना लेना ही पर्याप्त नहीं है , उसका पालन करना भी ज़रूरी है |

4. खेल कूद एवं मनोरंजन के लिए समय दें

एक विद्यार्थी के सर्वांगिक विकास (Comprehensive Development ) के लिए ज़रूरी है कि उसे पढ़ाई के साथ साथ खेल कूद और अपने मनोरंजन के लिए भी समय देना चाहिए | खेल कूद से शारीरिक विकास होता है |
घर के अन्दर भी आप बुद्धिवर्धक खेलों ( Memory Improvement Games ) का आनंद ले सकते हैं |

5. बड़े कार्यों को छोटे छोटे भागों में बाँटें

कोई भी बड़ा कार्य जब हम करने लगते हैं तो शुरुआत में बहुत कठिन और असंभव लगता है | लेकिन जब हम उसे छोटे छोटे टुकड़ों में बाँट देते हैं और तो वही काम आसान हो जाता है | इसी प्रकार पढ़ाई में भी बड़े Chapter या Formula को छोटे भागों में बाँट कर आसान बनाया जा सकता है | इससे पढ़ना आसान और रुचिकर हो जाता है |

6. अपने ऊर्जा स्तर को जानें

दिन में अलग अलग समय पर हर व्यक्ति की शारीरिक और मानसिक उर्ज़ा का स्तर अलग हो सकता है | उदाहरण के तौर पर कुछ लोग सुबह के समय ज्यादा Fresh और Energetic महसूस करते हैं तो कुछ लोग शाम को या फिर रात के समय | कुछ लोगों को सुबह उठ कर पढ़ा हुआ ज्यादा याद रहता है तो कुछ को देर रात को पढ़ा हुआ | तो जिस समय आप अपने को ज्यादा Fresh और उर्ज़ावान महसूस करते हैं, वह समय आप अपनी पढ़ाई के लिए रखें |

7. पढ़ाई के बीच अल्प विश्राम लें

पढ़ाई करते समय आपका दिमाग थक जाता है | जब भी आप थकान महसूस करें तो एक अल्प विश्राम (Short Break) ज़रूर लें | आमतौर पर पढ़ाई करते समय 30 से 40 मिनट के बाद आपको थोड़ा आराम करना चाहिए |

8. मुख्य बिन्दुओं को Highlight करें

जब भी आप पढ़ाई करने बैठें, तो अपने साथ एक Highlighter Pen हमेशा रखें | अगर आपको कोई महत्वपूर्ण नाम, तिथि, स्थान या वाक्य दिखाई देता है तो तुरंत उसे Formula कर लीजिये | इस तरह से Revision करते समय आपको काफ़ी मदद मिलेगी |

9. अपना लक्ष्य निर्धारित करें

जीवन में अपनी पढ़ाई के लक्ष्य निर्धारित कीजिये | आप कौन सा Chapter या किताब कितने दिनों में ख़त्म करना चाहते हैं, कौन से Subjects पर विशेष ध्यान देने की ज़रूरत है अथवा अपने मनपसंद कॉलेज में जाने के लिए कितने प्रतिशत अंकों की ज़रूरत होगी | इस प्रकार अपनी पढ़ाई के लक्ष्यों तो तय करना बहुत ज़रूरी है | अगर आप हर हफ्ते, महीने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए पढ़ाई करेंगे तो साल के अंत में बिना घबराहट के सही ढंग से परीक्षा की तैयारी कर पायेंगे |

10. सभी ज्ञानेन्द्रियों (Senses) को सम्मिलित करें

अपनी पाँचों ज्ञानेन्द्रियों (कान, नाक, आँख, जीभ और त्वचा) का यथासंभव प्रयोग अपनी पढ़ाई में करें | किताब में छपे पिक्चर और चार्ट्स आदि को ध्यान से देखें | यदि संभव हो तो लैब में Practical करें या विषय से सम्बंधित मॉडल को छू कर देखें | आजकल किताबों के साथ CD भी आती है | इन CDs से भी विषय को समझने में काफ़ी मदद मिलती है |

11. बुद्धिवर्धक तकनीकों का प्रयोग करें

यदि आप बुद्धिवर्धक तकनीकों (Memory Improvement Techniques) के बारे में जानते हैं या आपने इन्हें कहीं से सीखा है, तो इनका प्रयोग अपनी पढ़ाई में ज़रूर करिये | ये Techniques बहुत ही वैज्ञानिक और रिजल्ट ओरिएंटेड होती हैं |

12. संतुलित भोजन करें

एक पुरानी कहावत है “जैसा अन्न , वैसा मन”, जिसका अर्थ है कि व्यक्ति जैसा अन्न खाता है वैसा ही उसका मन और शरीर बनता है | यह बहुत ज़रूरी है कि आप संतुलित भोजन लें | कोल्ड ड्रिंक्स और पिज़्ज़ा व बर्गर जैसे जंक फ़ूड से बचें | भोजन का सही तरीका है कि आप सुबह का नाश्ता भारी , दोपहर का भोजन उससे हल्का और रात का भोजन उससे भी हल्का लें | यदि संभव हो तो रात के भोजन में केवल सलाद (Salad) और द्रव्य पदार्थ (Liquids) ही लें |

13. शरीर को स्वस्थ रखें

क्योंकि एक स्वस्थ शरीर में ही एक स्वस्थ मन निवास करता है, इसलिए सुबह के समय सैर पर जायें और अपने सामर्थ्य के अनुसार व्यायाम(Exercise) करें | जितना स्वस्थ आपका शरीर होगा, उतने ही आप एक्टिव और आत्मविश्वास से भरे रहेंगे |

14. प्रश्नों का उत्तर खोजें

यदि आपके मन में कोई प्रश्न है या किसी प्रश्न का उत्तर आपको समझ नहीं आता तो निसंकोच अपने अध्यापक से सहायता मांगें | हो सकता है कि ज्यादा या बार बार प्रश्न पूछने के लिए आपके अध्यापक आपको डांट दें, पर विश्वास कीजिये कि जो विद्यार्थी वास्तव में सीखने की इच्छा रखता है उसे सभी टीचर्स पसंद करते हैं और उसकी मदद के लिए सदा तैयार रहते हैं |

15. सभी संसाधनों का प्रयोग करें

पढ़ाई के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों (Resources) का भरपूर प्रयोग करें | किताबों को ध्यान से पढ़ें, पुस्तकालय (Library) में जायें, अपने अध्यापकों और अभिभावकों से सहायता लें, दोस्तों और बड़े भाई-बहन से मदद मांगें, इन्टरनेट और टेलीविज़न आदि सभी उपलब्ध संसाधनों का सकारात्मक प्रयोग अपनी पढ़ाई के लिए करें |

16. ब्लेंक कार्ड्स (Blank Cards) का प्रयोग करें

पढ़ते समय किसी विशेष बात या किसी उत्तर के मुख्य बिन्दुओं (Main Points) को लिखने के लिए आप छोटे छोटे साइज़ के ब्लेंक कार्ड्स या पर्चियों का प्रयोग कर सकते है | ये कार्ड्स आपको revision करते समय काफ़ी मददगार साबित होंगे | परंतु सावधान, इसका अर्थ यह नहीं निकाला जाना चाहिए की आप इन्हें परीक्षा के समय नकल (Cheat Notes) के रूप में प्रयोग करें |

17. स्वयं को प्रोत्साहित करें

परीक्षा भवन में जाने से पूर्व स्वयं को प्रोत्साहित (Motivate) करें | जीवन की उन घटनाओं को याद करें, जब आप सफल हुए थे | अपने आप को विश्वास दिलाएं कि आप पहले भी कठिन परिस्थितियों एवं परीक्षाओं में सफल हो चुके हैं | इस परीक्षा में भी आप ज़रूर अच्छे अंकों के साथ सफल होंगे | इस प्रकार के सकारात्मक विचारों से आपका मनोबल बढ़ेगा और आप परीक्षा में अधिक बेहतर प्रदर्शन कर पायेंगे |

18. प्रश्नपत्र को ध्यान पूर्वक पढ़ें

जब भी आप कोई परीक्षा देते हैं तो उत्तर लिखना शुरू करने से पहले, प्रश्नपत्र को कम से कम दो बार ध्यानपूर्वक पढ़ लें | यह सुनिश्चित कर लें कि प्रश्न क्या है और उसका सही उत्तर क्या होगा | कई बार घबराहट में हम प्रश्न समझ ही नहीं पाते और गलत उत्तर लिख देते हैं

19. अधिक मात्रा में जल लें

विज्ञान इस बात को प्रमाणित कर चुका है कि शरीर में जल का स्तर जितना अधिक रहता है, उतना ही हमारा मस्तिष्क अधिक कुशलता के साथ कार्य करता है | इस लिए अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिये | पढ़ाई करते समय अपने पास पानी की एक बोतल रखनी चाहिए | अगर संभव हो तो परीक्षा केंद्र (Examination Centre) में भी अपने साथ एक पानी की बोतल ले कर जायें और समय-समय पर पानी पीते रहें |

20. शांत हो जायें

परीक्षा में यदि उत्तर याद करने में कठिनाई हो तो घबराने कि आवश्यकता नहीं है | घबराहट से स्थिति और अधिक बिगड़ सकती है | आँखें बंद करके कुछ पल के लिए चुपचाप बैठ जायें और गहरी सांस लें | इससे आपके मन को शांत करने में सहायता मिलेगी | फिर धीरे-धीरे उत्तर याद करने की कोशिश करें | जो भी मुख्य बिंदु (Main Point) याद आये उसे कागज़ पर लिख लें |

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